Wednesday, 16 February 2022

CD4440 IC AUDIO AMPLIFIER MONO CIRCUIT


 CD4440 IC AUDIO AMPLIFIER MONO CIRCUIT 

Note: - 4440 amplifier ic operate at only 12v - 18v.

Over voltage can damage ic or another component in the circuit.

Best bass trable and volume control circuit

 Best bass trable and volume control circuit 

Using 3 potentiometer of 50k value.

potentiometer value can be 50k - 100k



Friday, 11 February 2022

DOUBLE CD444O / LA4440 IC STEREO AUDIO AMPLIFIER 2 SPEAKER AND 2 SUBWOOFER CIRCUIT

 Component List :-

1.        LA 4440 IC     -        2         

2.        2200uf/50v     -       2

3.        47uf/25v         -       4

4.        470uf/25v       -       4

5.        100uf/25v       -       2

6         1uf/25v           -       2

Stereo Audio Amplifier Using CD4440 Audio IC ( 2×6W) Circuit Diagram


Here is a Stereo Audio Amplifier Using CD4440 Audio IC ( 2×6W) Circuit Diagram. It is very useful circuit for audio amplifier in car's and other vehicles and also in home sound system because it has a better quality of sound and it's making is very easy and cheap price using very common and cheap components. Circuit is given below...


Friday, 7 January 2022

इंजन गर्म होने के बाद कार सेल्फ स्टार्ट न हो तो क्या करें ?

 जी हां दोस्तो, कई बार हमारे साथ ऐसी पॖाब्लम आ जाती है कि एक बार स्टार्ट होने के बाद कार का इंजन बंद करदें और फिर से स्टार्ट करने पर गाड़ी स्टार्ट नही होती तो गाड़ी में क्या पॖाब्लम हो सकती है|आज हम इस पॖाब्लम को ठीक करेंगे|

1.  सबसे पहले हम बोल्ट मीटर की सहायता से गाड़ी की बैटरी के दोनो टर्मिनल पर बोल्टेज चेक करेंगे जोकि 12 बोल्ट या इससे अधिक होगा यदि वोल्टेज कम है तो पहले बैटरी चार्ज करेंगे और फिर चेक करेंगे वोल्टेज आया कि नहीं यदि बैटरी सही होगी तो वोल्टेज आ जाएगा

2.  अब हम गाड़ी स्टार्ट करेंगे और बैटरी के दोनों टर्मिनल पर वोल्टेज चेक करेंगे जो कि 14 वोल्ट के आसपास होना चाहिए यदि बोल्ट 14 वोल्ट या इसके आसपास नहीं है और हमारा अल्टरनेटर सही काम कर रहा है इसके बाद भी हमें वोल्टेज 12 बोल्ट ही मिल रहे हैं तब यहां न्यूट्रल प्रॉब्लम हो सकती है।

3.   न्यूट्रल प्रॉब्लम चेक करने के लिए मल्टीमीटर की प्लस (+) प्रोब( बायर) को अल्टरनेटर के B+ पॉइंट पर लगाएंगे जहां बैटरी से पॉजिटिव वायर आता है अब मल्टीमीटर की दूसरी नेगेटिव(-) प्रोब को इंजन पर लगाते हैं और देखते हैं कि बोल्ट 14 वोल्ट आ रहा है या नहीं आ रहा है। यदि वोल्टेज 14 वोल्ट आ रहा है तब यहां चेचिस से इंजन के बीच न्यूट्रल प्रॉब्लम है या फिर बैटरी से ही न्यूट्रल प्रॉब्लम है।

4.  अब चेसिस से इंजन तक न्यूट्रल सही से पहुंच रहा है या नहीं चेक करेंगे । चेसिस से इंजन तक न्यूट्रल चेक करने के लिए हम एक 2.5 mm मोटा कॉपर वायर का टुकड़ा लेंगे ( जोकि घर में लाइट फिटिंग में यूज़ होता है) और इस बार का एक सिरा बैटरी के न्यूट्रल टर्मिनल मैं लगा देंगे और बायर का दूसरा सिरा इंजन से कनेक्ट कर देंगे फिर वोल्टेज चेक करेंगे अब वोल्टेज 14 वोल्ट के आस पास आएगा। अब इंजन को न्यूट्रल अच्छी तरह से मिल रहा है।

5.  चर्चित से इंजन तक न्यूट्रल पहुंचाने के लिए एक बायर लगा होता है जिसमें कार्बन आ जाता है और कार्बन आ जाने के कारण सेल्फ स्टार्टर लोड नहीं ले पाता। इसलिए गाड़ी गर्म होने के बाद सेल्फ स्टार्ट नहीं होती। बायर से कारबन हटाने के लिए बायर के दोनों सिरों को थिनर या पेट्रोल से अच्छी तरह साफ कर लें और इंजन तथा चेचिस जहां वायर कनेक्ट होता है वहां भी साफ कर लें जिससे न्यूट्रल अच्छी तरह पहुंचने लगे। 

6.  अब गाड़ी को फिर से स्टार्ट करें गाड़ी स्टार्ट होने लगेगी अगर इसके बाद भी गाड़ी में वही प्रॉब्लम होती है तो यह इंजन में प्रॉब्लम होगी इसलिए गाड़ी को मैकेनिक को दिखाएं।

आशा करता हूं कि यह पोस्ट आपके लिए सहायक होगी। धन्यवाद

Wednesday, 30 October 2019

5 मिनिट में सेल्फ स्टार्टर के सोलेनोइड स्विच को चेक करें | Step by step Guide

5 मिनिट में सेल्फ स्टार्टर के सोलेनोइड स्विच को चेक करें | Step by step Guide 

नमस्ते दोस्तों,

कैसे हैं आप उम्मीद करता हूँ की अच्छे ही होंगे |  में कमल सूर्यवंशी मेरे ब्लॉग Goodwaves Infotech में आप सभी लोगों का स्वागत करता हूँ | मैं आपके लिए और मेरे लिए कोई न कोई नई जानकारी प्राप्त करता हूँ और इस ब्लॉग पर शेयर करता हूँ, आशा करता हूँ कि आप सब लोगों को पसंद आती होंगी और आपके काम आती होंगी | 

आज एक और जानकारी मैं आपके लिए लाया हूँ जो की पूरी तरह से टेक्निकल है और मैं आशा करता हूँ कि आप या तो टेक्निकल फील्ड में होंगे और या फिर टेक्निकल स्टूडेंट होंगे तो यह जानकारी आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह टोटल प्रैक्टिकल नॉलेज है | 

आपने ऊपर हैडिंग में पड़ ही लिया होगा कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ जी हाँ, मैं बात कर रहा हूँ की 
5 मिनिट में सेल्फ स्टार्टर के सोलेनोइड स्विच को चेक करें |

Solenoid Switch 

यह जानकारी ऑटो मोबाइल जैसे Car, Bike , Tractor , Truck आदि में यूज़ होने वाले स्टार्टर जिसे हम सेल्फ भी कहते हैं, के सोलेनोइड स्विच बारे में है आप अपने ही घर पर सोलेनोइड स्विच को चेक कर सकते है आपको इसके लिए किसी दुकानदार के पास जाने की जरुरत नहीं है | आज कल सभी गाड़ियों में सेल्फ ( स्टार्टर )लगा हुआ आता है और सभी सेल्फ स्टार्ट होती हैं चाहे वो बाइक हो ,ट्रेक्टर हो ,  कार हो , बस हो, ट्रक हो या कोई भी वाहन हो सब में स्टार्टर लगा रहता है जिससे वाहन चाबी घुमाते ही स्टार्ट हो जाता है लेकिन कभी कभी चाबी घुमाने पर भी गाड़ी स्टार्ट नहीं होती तो उसकी बहुत सारी बजह होती है ये उनमे से एक है।


Tractor Self Starter 


कई बार सेल्फ स्टार्टर में लगा हुआ सोलेनोइड स्विच  ( solenoid switch ) ख़राब हो जाता है जिससे सेल्फ लगाने पर भी वाहन स्टार्ट नहीं होता और कई बार सेल्फ स्टार्टर ख़राब होने की बजह से भी ऐसा होता है जो की वाहन स्टार्ट नहीं कर पाता। तो ठीक है आज हम जानेंगे कि सेल्फ स्टार्टर के सोलेनोइड स्विच को कैसे चेक करेँ।
सोलेनोइड स्विच ( Solenoid Switch ) को चेक करने के लिए हमे एक बैटरी की जरुरत होगी जो कम से कम इतनी चार्ज हो जो सेल्फ स्टार्ट कर सके , यदि बैटरी चार्ज न हो तो सबसे  बैटरी चार्ज करवा लें फिर चेक करें।

अब हमे जरुरत होगी एक 5 mm मोटे कॉपर वायर का टुकड़ा लगभग 2 फिट लम्बा। साथ ही कोई पुराना बैटरी में लगाने वाला टर्मिनल जो वायर को बैटरी  के टर्मिनल से कनेक्ट कर सके।

* अब सबसे पहले कॉपर वायर ( Copper Wire ) के टुकड़े को टर्मिनल ( Terminal ) की सहायता से बैटरी ( Battery ) के प्लस टर्मिनल में connect  कर लेंगे जैसा कि नीचे photo में दर्शाया गया है।

* अब Solenoid Switch ( सोलेनोइड स्विच ) के कैप के एक पॉइंट जो स्टार्टर में फील्ड (Field ) से कनेक्ट होता है, को बैटरी के दूसरे सिरे ( टर्मिनल ) पर अच्छी तरह टाइट पकड़कर रखेंगे।

* याद रहे कि सोलेनोइड स्विच में पिस्टन लगा होना चाहिए क्योंकि पिस्टन के बिना पता कैसे चलेगा कि सोलेनोइड स्विच पिस्टन को अंदर की ओर खींच रहा है कि नहीं।

* अब सोलेनोइड स्विच के पोस्टन को हथेली की सहायता से अच्छी तरह जोर लगाकर दबाकर रखेंगे और जो वायर बैटरी के प्लस टर्मिनल से आया है उसे सोलेनोइड स्विच के दूसरे खाली पॉइंट से टच करके देखेंगे, यदि स्पार्किंग ( Sparking ) होती है तो सोलेनोइड  स्विच सही है। सोलेनोइड स्विच का दूसरा वो पॉइंट जिस पर सीधा बैटरी से प्लस वायर लगाया जाता है उस पर टच करके देखना है, अगर आपको पता नहीं है कि कौन सा बैटरी प्लस वायर से कनेक्ट होगा तो आप दोनों को आपस में चेंज करके भी चेक कर सकते है इसमें कोई। नुकसान नहीं होगा, लेकिन वायर को सिर्फ टच करके ही देखना है चिपकाकर नहीं रखना है नहीं तो प्रॉब्लम हो सकती है, स्विच जल भी सकता है, इसलिए याद रहे सिर्फ  टच करके ही देखना है।

* इतना सब चेक कर लेने के बाद यदि बड़े बोल्ट पर स्पार्किंग न हो तो अब सोलेनोइड स्विच की coil ( कॉइल ) को भी चेक करना पड़ेगा कि  यह सही है या नहीं, यदि कॉइल सही नहीं होगी तो स्विच वर्क ( work ) नहीं करेगा। सोलेनोइड स्विच में अंदर एक कॉइल ( coil )  होती है जिससे स्विच काम करता है।







Friday, 4 October 2019

how to make a series board at home in hindi

यदि आप इलेक्ट्रिकल्स या इलेक्ट्रॉनिक्स में टेक्निकल व्यक्ति है या फिर आप इलेक्ट्रिकल्स या इलेक्ट्रॉनिक्स में सीख  रहे हैं  तो आपके लिए यह सबसे महत्वपूर्ण बस्तु है सीरीज बोर्ड |  मैंने अधिकतर देखा है कि  कई लोग  सीरीज बनाने के लिए  एक ac या dc  on /off  स्विच में डायरेक्ट plus (+) और minus  (-) लगा देते है जिससे शार्ट सर्किट हो जाता है और हमारी वायरिंग  जल  जाती हैं | सीरीज बोर्ड में ऐंसा नहीं होता यह एकदम अलग होता है यह बहुत ही सरल है और उसे use  करने से हमारी बहुत सारी  चीज़ें डैमेज होने से बच जाती हैं | तो चलिए आज हम सीखेंगे कि  सीरीज बोर्ड कैसे बनाये और उसका USE कैसे करें |

Series Board


सीरीज बोर्ड बनाने के लिए हमें कुछ चीज़ों ( material ) की आवस्यकता होगी जो की मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं तो आइए जानते हैं -

1. बल्ब होल्डर : - सबसे पहले बल्ब को लगाने के लिए एक बल्ब होल्डर चाहिए जो किसी बोर्ड में आसानी से फिट हो जाये जिससे किसी को करंट लगने का खतरा न रहे | बल्ब होल्डर मार्किट में किसी भी इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स की शॉप पर मिल जायेगा अगर आप इलेक्ट्रिकल का काम करते हैं तो आपको यह पता ही होगा की इलेक्ट्रिक मटेरियल कहाँ मिलिगा.



2. 2 - पिन सॉकेट ( TOW PIN SOCKET ) : - 2-पिन सॉकेट जिसमे हम मेल plug लगाएँगे इसकी इमेज नीचे दी गयी है आप अपनी इक्षा अनुसार कोई भी सॉकेट use कर सकते हैं | फ़िलहाल मेरे पास यही है -

2 - पिन सॉकेट 
3. इलेक्ट्रिक स्विच ( Electric Switch ) :- इलेक्ट्रिकल स्विच की जरूरत हमें इसलिए है क्योंकि हमें चेक करना पड़ेगा की बल्ब तक करंट पहुँच रहा है कि  नहीं और कभी हमें डायरेक्ट बल्ब जलाने की जरुरत हो तो स्विच की मदद से जला सकते हैं |
इलेक्ट्रिक स्विच 

3. फ्यूज ( FUSE ) : - फ्यूज किसी भी इलेक्ट्रिकल सर्किट या इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में सबसे महत्व पूर्ण है चाहे वह AC इलेक्ट्रिक सर्किट हो या फिर DC सर्किट | यदि अगर कभी गलती से कोई wire गलत लग जाये या प्लस माइनस आपस में टच हो जाएं तो फ्यूज जल जाता है और पूरा सर्किट सुरक्षित रहता है | यह बड़ा नुकसान होने से बचाता है |


Electrical Fuse
4. PVC प्लास्टिक स्विच बोर्ड ( PVC PLASTIC SWITCH BOARD ):- PVC प्लास्टिक स्विच बोर्ड में आप अपनी इच्छा अनुसार बल्ब होल्डर, फ्यूज, two पिन सॉकेट, और एक स्विच किसी भी अरेंजमेंट में लगा सकते हैं | इस बोर्ड में बैक कवर आता है जिससे हमारी बॉडी को वायरिंग से टच होने का खतरा नहीं रहता और हमारी safety बनी रहती है |



5. कॉपर वायर (Copper Wire ):- जैसा की आप सब लोग जानते हैं कि किसी भी बोर्ड की वायरिंग करने के लिए हमें कॉपर वायर की जरुरत होगी इस वायर की मदद से हम बोर्ड की वायरिंग एवं सीरीज प्लग  बनाएंगे |



6. मेल प्लग ( Male Plug ) :- सबसे महत्वपूर्ण और आखरी चीज़ है सीरीज प्लग, किसी भी वस्तु को चेक करने के लिए हमें सीरीज प्लग की आबस्यक्ता होगी क्योंकि इसके बिना सीरीज बोर्ड बनाने कोई मतलब नहीं होगा इसके बिना किसी भी चीज़ को चेक कैसे करेंगे | सीरीज प्लग में लगभग अपनी जरुरत के हिसाब से 4 - 5 फिट लम्बा डबल वायर लेकर दोनों वायर्स के एक सिरे को प्लग में जोड़ देंगे और दूसरे दोनों सिरे फ्री रखेंगे जैसे की मल्टीमीटर की नॉब्स होती हैं उसी तरह |

Series  Plug 

सीरीज बोर्ड ( Series Board Circuit Diagram ) का सर्किट डायग्राम : -

SERIES BOARD CIRCUIT DIAGRAM






Monday, 30 September 2019

How to change any tractor ignition switch.

Today we will learn about to change any tractor's ignition switch. That can change anybody at home it is very simple process but for that person Attention and Precautions are Mandatory. It is strictly rule for this work because it may be dangerous. Resulting of mistakes all other wiring of tractor may be burn. So please collect some knowledge of electrical wiring system  after than change the ignition switch. It is very simple process not enough knowledge is necessary. Now start the changing of ignition switch of tractor. In my video there is a swaraj tractor and i am changing ignition switch of this tractor.


First of all we will open the front panel of tractor where the ignition switch is attached and remove the ignition switch from panel. Now remove first of all Battery plus wire from switch's pin no. 1And will put in 1 no. pin in the new switch . There is marking on the switch old switch and new switch both. Now place all other wires in new switch same type like second pin's wire of place in new switch's second pin and third no. pin wire on third no. pin of new switch.





chabi switch or ignition switch changing of any tractor

CEILING FAN SLOW SPEED PROBLEM

CEILING FAN SLOW SPEED PROBLEM :- 

Main problem in ceiling fan is slow speed. now we can help you to solve this problem because we are also facing this problem for few months. After that I determined some cases for this problem and I checked by doing all thinks and problem solved. My problem is solved and I think if you have this problem than it may help to you. I think that everybody saw ceiling fan I am talking about below picture ceiling fan which is usually 230 volts AC ceiling fan.

Ceiling Fan 230 volts
There is some main problems in the ceiling fan so these are running in slow speed.



VOLTAGE :-  First of all we will check input voltage which should be about 220 - 240 volts. For checking the AC voltage we use Digital multimeter, which is normally available in in the market in price of about 150 rs. - 200 rs. Digital multimeter picture is given below -
DIGITAL MULTIMETER



CONDENSER ( CAPACITOR ) :- After checking voltage if voltage coming between 220 - 240 volts then voltage is correct, there is no problem in voltage. Now we will check the capacitor which is also called condenser. For checking the condenser we need 220 volts AC supply. Now give 220 volts supply to condenser's both wires for 2- 3 seconds only and don't touch by hand or any other part of body because this is dangerous there may be current due to charging. now touch both of wires each other, if this spark very good condition then capacitor is ok otherwise it may be weak or bad condition. Sometimes Capacitors may be weak. In that condition you should change the capacitor exactly same value. 

CAPACITOR
Note  : अगर आपको इलेक्ट्रिकल का बिलकुल भी जानकारी नहीं है तो कृपया इस काम को ना करें या फिर किसी इलेक्ट्रिकल एक्सपर्ट की मदद लेकर ही इस काम को करे क्योंकि यह कार्य जानलेवा हो सकता है इसलिए सोच समझ कर और ध्यान से पढ़कर ही यह कार्य करें |  अगर आपके साथ कोई ऐसी दुर्घटना घटती है तो इसके जिम्मेदार हम नहीं होंगे.

There is different values of capacitor for different voltage, that we can use for accuracy-

                  VOLTAGE                                            CAPACITOR VALUE
                  
                   220 - 250   Volts                                             2.25 uf.
                   180 - 210   Volts                                             3.15 uf.
                   120 - 150   Volts                                             4.00 uf.

BEARINGS :-  After check all above things now we will check both bearings of ceiling fan, if these bearings are tight or non oiled than it will do problem in running fan. fan will be take heavy load to run and during bearings after some times fan may be burnt. So if bearings is in bad condition, please change both bearings of ceiling fan. In maximum cases bearings are bad. 

Bearing In Bad Condition


WINDING DATA :-  If problem is not solved than this is the last condition. In many cases mechanic change the winding data like wire Gage, turns into stator etc. And after some time stator wire may be burnt from inside so it may weak. In that condition we need to change the stator or stator winding. Your problem will be finally solved.
CEILING FAN STATOR
That's all. Thanks 

Note  : अगर आपको इलेक्ट्रिकल का बिलकुल भी जानकारी नहीं है तो कृपया इस काम को ना करें या फिर किसी इलेक्ट्रिकल एक्सपर्ट की मदद लेकर ही इस काम को करे क्योंकि यह कार्य जानलेवा हो सकता है इसलिए सोच समझ कर और ध्यान से पढ़कर ही यह कार्य करें |  अगर आपके साथ कोई ऐसी दुर्घटना घटती है तो इसके जिम्मेदार हम नहीं होंगे.

Sunday, 29 September 2019

घर पे ही खराब हीटर की कॉइल से Soldering Iron ( सोल्डरिंग आयरन ) कैसे बनाते है ?

नमस्ते दोस्तो,
आज में बताने वाला हूँ कि घर पर ही हम हीटर की स्प्रिंग से बैट्री से चलने वाला सोल्डरिंग आयरन जिसे हम लोग कयैया भी कहते है कैसे बनाएं।
किस्मत की बात है कि आज ही मुझे सोल्डरिंग आयरन की जरूरत पड़ी और मेरा आयरन खराब हो गया तब मुझे आईडिया सूझा की क्यों न मैं सोल्डरिंग आयरन घर पर ही बनाऊ तब मैंने घर पे आयरन बनाने की सामग्री ढूंढ़ी तब मुझे एक बात और समझ मे आई कि हीटर जो गांव के अधिकतर घरों में उपयोग किया जाता है उसकी टूटी हुई स्प्रिंग से बनाया जा सकता है। फिर मैंने घर पर स्प्रिंग की खोज की और पुरानी स्प्रिंग मिल भी गई। फिर क्या था मैंने मेरा पुराना सोल्डरिंग आयरन लिया और उसी को बैटरी से चलने वाला बना लिया ।


Note  : अगर आपको इलेक्ट्रिकल का बिलकुल भी जानकारी नहीं है तो कृपया इस काम को ना करें या फिर किसी इलेक्ट्रिकल एक्सपर्ट की मदद लेकर ही इस काम को करे क्योंकि यह कार्य जानलेवा हो सकता है इसलिए सोच समझ कर और ध्यान से पढ़कर ही यह कार्य करें |  अगर आपके साथ कोई ऐसी दुर्घटना घटती है तो इसके जिम्मेदार हम नहीं होंगे.  


चलो अब सोल्डरिंग आयरन बनाने की विधि जानते है
सोल्डरिंग बनाने के लिए कुछ सामान की जरूरत है -
1)        पुराना खराब सोल्डरिंग आयरन
खराब सोल्डरिंग आयरन

Sunday, 22 September 2019

12 volt dc soldering iron using car heater plug kaise banaye homemade solution

Dear friends ,
Aaj hum batayenge ki 12 volt ki battery se chalne wala soldering iron kaise banaye wo bhi ghar par aur kam kimat me. Ise hum 12 volt dc soldering iron kahte hai. Isko banane ke liye hume car me lagne wale heater plug ki jarurat padegi. Yah market me hardware ki dukan par lagbhag 60 - 70 rs me mil jayega. Ye dikhne me aisa hota hai.
Heater plug
Ise banane ke liye hume chahiye neeche di gayi kuch cheezon ki zarurat padegi -

1. Heater plug :- Sabse pahle hume soldering iron ki main cheez heater plug ki jarurat hogi jo ki market me aasani se mil jayegi. Heater plug lagbhag 60 -90 rs. me market me kisi bhi auto parts ki shop par mil jayega. Yah heater cars, magic, van, etc ke engine ko garm karne me use hota hai. Heater ka upar wala hissa jisme choodiyan bani hui hain, minus hota hai aur jo sabse upar ki taraf dikhaya gaya hai wo hissa plus hota hai, in dono wires ko kisi battery se current dene par yah garm hota hai.

2. Copper patti :- copper patti jaisa ki photo me dikhayi gayi hai iski hume jarurat hogi, agar aap chahen to copper patti ki jagah 2 mm ki copper rod bhi le sakte hai. Yah aapki jarurat ke upar depend karta hai ki aapko kitni moti ya patli knob banani hai.

Copper Patti / Strip
3. 2 copper wires 2.5 se 5 mm mote aur lagbhag 3 - 4 fit lambe. taki aap wires ko battery se connect karke aasaani se apna kam kar sako. Neeche photo me pura wire ka bundal dikhaya gaya hai, aapko jitni jarurat ho bus usi hisab se aapko wire lena hai.

copper wire bundal


Monday, 16 September 2019

पैरों की उंगलियों में खुरा (फंगल इन्फेक्शन) ठीक करने का घरेलू उपाय



गीलेपन की बजह से बच्चों को फंगल इन्फेक्शन ( पैरों की उंगलियों के बीच में सड़न ) हो जाता है, जिसे हम किसी किसी गाँव मे खुरा के नाम से भी जानते है। 

बारिश का मौसम बाङा सुहाना होता है बच्चो को बारिश में मस्ती करने में बड़ा ही मजा आता है। लेकिन मस्ती के साथ साथ गीलेपन की बजह से बच्चों को फंगल इन्फेक्शन ( पैरों की उंगलियों के बीच में सड़न ) हो जाता है, जिसे हम किसी किसी गाँव मे खुरा के नाम से भी जानते है। फंगल इन्फेक्शन सिर्फ बच्चों को ही नही होता है ये बच्चो से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकता है। फंगल इन्फेक्शन (खुरा) केवल पैरों की उंगलियों में नही बल्कि हाथों की उंगलियों में भी हो सकता है। इसलिए दोस्तो आज हम जानेगे की इस रोग से बचने के लिए हमे क्या उपाय करना चाहिए या अगर किसी को हो जाये तो इसे ठीक कैसे करेंगे। सबसे पहले हम जानेंगे कि फंगल इन्फेक्शन होता क्या है, यह कैसा दिखता है। तो चलिए जानते है।

फंगल इन्फेक्शन ( खुरा ) होता क्या है?
फंगल इन्फेक्शन पैरों की उंगलियों अथवा हांथो की उंगलियों के बीच में हो सकता है। हमारे भारत देश मे ज्यादातर पैरों की उंगलियों में ही यह इन्फेक्शन होता है। उंगलियों के बीच मे एक प्रकार का घाव हो जाता है, इसे सड़न भी कहा जाता है, यह रोग बहुत ही पीड़ा दायक होता है। फंगल इन्फेक्शन की कुछ तस्वीरें यहां दिखा रहा हूँ इन्हें अच्छी तरह देखें और अगर ये आपको या परिवार में किसी और व्यक्ति को है तो इसे ठीक कैसे करे इसका उपाय भी जाने। सबसे पहले हम जानेगे की फंगल इन्फेक्शन होता क्यो है और किस बजह से होता है।
फंगल इन्फेक्शन ( खुरा )

फंगल इन्फेक्शन ( खुरा, सड़न ) कैसे होता है?
फंगल इन्फेक्शन अधिकतर बारिश के मौसम में ज्यादा होता है क्योंकि बारिश के मौसम में हमारे पैर ज्यादा समय तक गीले रहते हैं जिसकी बजह से पैरों की उंगलियों के बीच मे त्वचा कमजोर होकर गलने लगती है और इसमें सड़न हो जाती है। कभी कभी यह प्रॉब्लम गर्मियों में भी आ जाती है यह पैरों में पसीना आने की बजह से होता है। पैरों में पसीना आने से उंगलियां सूखी नही रहती और फंगल इन्फेक्शन हो जाता है। ज्यादातर व्यकि दिनभर पैरों में मोजे ( shauks ) और जूते ( shooj ) पहनते हैं। जिससे उंगलियों में पसीना आता रहता है और सड़न जैसे घाव बन जाते है ।

फंगल इन्फेक्शन से कैसे बचें?
फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए हमे कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए इसके लिए गीलेपन से बचना बहुत जरूरी होता है। पैरों को पानी मे भीगने से जितना हो सके उतना बचा के रखें। अगर आप शॉकस और शूज का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं तो हर एक दो घंटे बाद अपने पैरों को शूज और शॉकस से बाहर निकालकर दस से पंद्रह मिनिट तक पैरों को हवा में सुखाएं ताकि उंगलियों का पसीना सुख जाए इससे उंगलियों में सड़न होने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है।

फंगल इन्फेक्शन को ठीक केसे करे ?
फंगल इन्फेक्शन को ठीक  करने  के कुछ उपाय है जो मे आपको वताना चाहता हूँ सबसे पहले आप अपने पैरों को अच्छो तरह धो लें लेकिन याद रहे कि साबुन का प्रयोग बिल्कुल भी न करें । अब उंगलियों को अच्छी तरह से कपड़े से पोंछ लें ताकि उनमे बिल्कुल भी नमी न रहे। अब जानते हैं कुछ घरेलू उपाय-
1.   मीठा तेल ( vegetable oil, cooking oil ) -
मीठा तेल ( cooking oil )

मीठा तेल सभी घरों में आसानी से मिल जाता है । खाना बनाने के लिए तो हम मीठे तेल का उपयोग करते ही हैं तो आपको ये करना है कि थोड़ा सा मीठा तेल पैरों को अच्छी तरह साफ करने के बाद सुबह शाम पैरों की उंगलियों में जहाँ इन्फेक्शन है बहां लगाना है और लगा रहने देना है। रात में भी तेल को लगाना है दो तीन दिन लगातार ऐसा करने से यह रोग ठीक हो जाएगा।

2.  मेंहदी के पत्ते और सरसों का तेल -

मेंहदी के पत्ते


सरसों का तेल।
सबसे पहले आप अपने पैरों को पानी सेअच्छी तरह धो ले फिर कपड़े से साफ कर लें ताकि उनमे नमी न रहे उसके थोड़ा सा सरसों का तेल किसी कटोरी में ले लें और उसे उंगलियों की सहायता से पैरों की उंगलियों के घाव पर लगाएं। अब मेंहदी के पत्तों को कूट लें या थोड़ा पीस लें और उन घावों पर लगाएं और किसी कपड़े से 1 - 2 घंटे के लिए बांध लें । ऐंसा सुबह और शाम रोज 2- 3 दिन तक करें खुरा ठीक हो जाता है।


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Sunday, 1 September 2019

रसायन बिज्ञान ( मानव जीवन में रसायन ) Self study - Part 3

बहुलक योगिक अनेक छोटे छोटे अणुओ के परस्पर संयुक्त होने से बनते है।
संश्लेषित रबड़ कृत्रिम स्रोतों से पायी जाने वाली रबड़ को कहते है।
अन्तरिक्ष यानों को बनाने के लिए सबसे महत्व पूर्ण बस्तु कार्बन फाइबर को उपयोग में लाया जाता है।
अंतरिक्ष यानों में उच्च ताप पैदा करने के लिये सबसे ज्यादा ज्वलनशील हाईड्रोजन गैस का प्रयोग किया जाता है। क्योंकि हाईड्रोजन गैस का ऊष्मीय मान सभी ईधनो में सबसे अधिक होता है तथा हाईड्रोजन को भविष्य का ईधन भी कहा जाता है।
प्लास्टिक को कैसे बनाते है?
प्लास्टिक बनाने के लिए असंतृप्त हाईड्रोकार्बन का बहुलिकरण किया जाता है जिससे एक उच्च बहुलक प्राप्त होता है उसे प्लास्टिक कहते है। असंतृप्त हाईड्रोकार्बन जैसे एथिलीन, प्रोपिलीन आदि।

सामान्य विज्ञान(मानव जीवन मे रसायन)self study- part 2

ट्रिनाईट्रोटोलिन का प्रयोग बम तथा तारपिण्डो को बनाने में किया जाता है।
ब्लास्टिंग जेलेटिन में नाइट्रोसेलुलोस तथा नाइट्रोग्लिसरीन का क्रमशः अनुपात 7% तथा 93% होता है।
डाइनामाइट अविष्कार सन 1863 में अल्फ़्रेड नोबेल ने किया था।
डाइनामाइट को बांध ,सुरंग एवं सड़क बनाने तथा पत्थरों को तोड़ने में प्रयोग में लाया जाता है।
आरडीएक्स (RDX) को रासायनिक नाम में साइक्लो ट्राइमेथिलिन ट्राईनाइट्रेमीन के नाम से जाना जाता है।
किसी यंत्र , फर्श एवं नालियों की सफाई के लिए विसंक्रामक रसायनों का प्रयोग किआ जाता है।
पेनिसिलिन नामक एंटीबायोटिक की खोज सर्वप्रथम वर्ष 1929 में ए.फ्लेमिंग (A.flaming) नामक व्यक्ति ने की थी।
सिलिका तथा सोडियम एवं कैल्शियम सिलिकेंट का समांगी मिश्रण साधारण कांच बनाने के लिए किया जाता है।
पोटेशियम क्लोराइड रसायन का प्रयोगक कांच को कठोर बनाने के लिए किया जाता है।


Saturday, 31 August 2019

सामान्य विज्ञान ( मानव जीवन में रसायन ) Self study

कठोरतम पदार्थ हीरा रासायनिक तत्वों से निर्मित है।
प्रत्येक पदार्थ चाहे वह सजीव हो या निर्जीव मुख्य रूप से रासायनिक तत्व से बना होता है।
सबसे मुलायम खनिज टैल्क है।
सोडियम लवणों को कठोर साबुन नाम से जाना जाता है।
दाड़ी बनाने वाले साबुन में कास्टिक पोटाश, रेजिन व ग्लिसरॉल रसायनों को मुख्य रूप से मिलाया जाता है।
साबुन में रेजिन रसायन का मुख्य कार्य झाग देना होता है।
वे रसायन जो मानव ऊतकों को हानि पहुचाये बिना जीवाणुओ की वृद्धि को रोकते है, प्रतिरोधी कहलाते है।
प्रतिरोधी रसायनों का प्रयोग अल्सर, कटे घावो तथा त्वचा की सतह पर किया जाता है।
वे औषधियाँ , जो मानसिक दबाव, मन्द एवं तीव्र मानसिक बीमारियो के उपचार के लिए प्रयुक्त की जाती है प्रशांतक कहलाते है।
संवेदना को कम करने के लिए क्लोरोफार्म, डाइजीपाम एवं नाइट्रसऑक्साइड निश्चेतको का प्रयोग किया जाता है।

Sunday, 9 April 2017

Medical Certificate of fitness to return to duty.

After medical leave when you join duty you will need medical certificate of fitness to return to duty.

To download this form, right click on image, and save image as, then click on save.

Friday, 7 April 2017

Form of Application for leave for Govt. Teacher or Gazetted and Non - Gazetted Officers.

Form of Application for leave for Govt. Teachers or Gazetted and Non - Gazetted officers, this form is needed when you returns on duty with medical certificate ot sickness and fitness.

To download form, right click on image and click on Save image as then then click on save.

Thursday, 17 March 2016

Epson L130 Black Ink Not Printing Solution

Do you have this problem? If yes then this article will help you to solve your problem. I have a single function printer of Epson, model no. is L130. Once a problem was occurred in my printer that when I print, black ink was not printing and remaining all the three color inks were correctly printing on the paper. I tried search online to solve this problem, but unfortunately I didn't get the correct solution. After few days I called to help-center of Epson and tell them to solve my problem, then they tell me the procedure of Power Ink Flushing of Epson L130 printer online to solve this problem. They tell me step by step guide of Power Ink Flushing in windows 7. I follow that procedure and get solved the black ink not printing problem. They tell me simple step by step procedure for Power Ink Flushing of Epson L130 and I am telling that procedure that they tell me step by step. I hope It will help you.

Step by step guide of Power Ink Flushing of Epson L130 Printer in Windows 7 given below - 

1. Go to Start menu.

2. Find Devices and Printers at right side of start menu.

3. Click Devices and Printers  and a new window will be open.

4. find Epson L130 series in Devices and Printers window.

5. Right click on Epson L130 series and go to Printing preferences
.

6. A new window will be open, then find and click on maintenance in this window.

7. Click on Power Ink Flushing.

8. Read instructions and click ok.

9. Wait until Power Ink Flushing complete and printer's power button's led stop blinking.

10.Click Finish and print a test page for check printer printer problem solved or not.

That's all.